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भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह द्वारा अम्बासा और उदयपुर (त्रिपुरा) में आयोजित विशाल जनसभाओं में दिए गए उद्बोधन के मुख्य बिंदु

आज की रैली में उमड़े विशाल जन-सैलाब से यह स्पष्ट है कि त्रिपुरा की जनता ने राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाने का निर्णय ले लिया है
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कांग्रेस की यूपीए सरकार (कम्युनिस्ट पार्टी समर्थित सरकार) ने 13वें वित्त आयोग के पांच वर्ष में त्रिपुरा को केंद्रीय करों में हिस्सेदारी के तौर पर जहां केवल लगभग 7,283 करोड़ रुपये ही दिए, वहीं प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने 14वें वित्त आयोग में पांच वर्षों में त्रिपुरा को 25,923 करोड़ रुपये आवंटित किये हैं
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मोदी सरकार ने इसके अतिरिक्त विभिन्न योजनाओं में अलग से त्रिपुरा को 17,000 करोड़ रुपये दिए हैं और कई योजनाओं की शुरुआत की है। यदि साढ़े तीन साल में मोदी सरकार त्रिपुरा के विकास के लिए इतने सारे काम कर सकती है तो फिर इतने वर्षों में माणिक सरकार ने त्रिपुरा के विकास के लिए कुछ क्यों नहीं किया
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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम त्रिपुरा को मॉडल स्टेट बनाना चाहते हैं, त्रिपुरा को विकसित राज्यों की पंक्ति में खड़ा करना चाहते हैं
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त्रिपुरा में केवल मुख्यमंत्री, मंत्री अथवा विधायक बदलने के लिए परिवर्तन नहीं लाना चाहते हैं बल्कि हम त्रिपुरा की गरीब जनता की स्थिति में व्यापक सुधार लाने के लिए परिवर्तन लाना चाहते हैं
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25 सालों के सीपीएम शासन के बावजूद त्रिपुरा का विकास नहीं हो पाया। आखिर 25 साल तक माणिक सरकार ने किया क्या है, उन्होंने रोजवैली चिटफंड में अरबों-खरबों का घोटाला कर गरीब जनता की गाढ़ी कमाई को लूटा है, हिंसा का तांडव फैलाया है और कैडर की दादागिरी से लोकतंत्र का गला घोंटने का काम किया है
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मैं माणिक सरकार को कहना चाहता हूँ कि हम भारतीय जनता पार्टी वाले हैं, हम हिंसा से नहीं डरते, हिंसा का कीचड़ जितना उछालोगे, कमल उतने ही अच्छे तरीके से खिल कर बाहर आयेगा। त्रिपुरा में अब हिंसा का कुचक्र नहीं चलने वाला है, त्रिपुरा की जनता जाग चुकी है
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सीपीएम वाले कान खोल कर सुन लें, हर बार की तरह यदि इस बार भी त्रिपुरा के चुनाव को हिंसा के जरिये प्रभावित करने का प्रयास किया गया तो त्रिपुरा की जनता आप को मुंहतोड़ जवाब देगी
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आज इस समागम के माध्यम से मैं पार्टी के कार्यकर्ताओं को भी कहना चाहता हूँ कि आप डरिये मत सीपीएम के आतंक से, लोकतांत्रिक तरीकों से उनका डट कर मुकाबला कीजिये और उखाड़ कर फेंक दीजिये त्रिपुरा की इस भ्रष्टाचारी माणिक सरकार को
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जब तक त्रिपुरा में सीपीएम की सरकार है, यहाँ का विकास संभव ही नहीं है। जहां सीपीएम की सरकारें होती हैं, वहां गरीबी होती है, बेरोजगारी होती है और जहां भाजपा की सरकारें होती हैं, वहां विकास होता है
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त्रिपुरा में हर साल होने वाले गुनाहों का 86% अपराध माताओं-बहनों के खिलाफ होता है, इससे यह स्पष्ट है कि त्रिपुरा में क़ानून-व्यवस्था की हालत कितनी दयनीय हो चुकी है। हम त्रिपुरा की माताओं-बहनों की इस स्थित को बदलने के लिए राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार लाना चाहते हैं।
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त्रिपुरा की सीपीएम सरकार भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी हुई है। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री चिटफंड घोटाले के दोषियों के खिलाफ इसलिए कार्रवाई नहीं करते हैं कि यदि उन्होंने चिटफंड के गुनाहगारों को पकड़ना शुरू किया तो उनका पूरा का पूरा मंत्रिमंडल जेल में दिखाई देगा।
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चाहे रोजवैली चिटफंड का मामला हो या फिर भ्रष्टाचार के कोई अन्य मामले, राज्य में बनने वाली भाजपा सरकार दोषियों को सजा दिला कर उन्हें सलाखों के पीछे पहुंचाने का काम करेगी, हम किसी को बचाने वाले नहीं हैं
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मैं त्रिपुरा की जनता को आश्वस्त करना चाहता हूँ कि राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार के गठन के अगले ही दिन प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग का लाभ दे दिया जाएगा
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मोदी सरकार ने पहले ही न्यूनतम मजदूरी को 340 रुपये प्रतिदिन कर दिया है और त्रिपुरा की माणिक सरकार अभी भी 170 रुपये प्रतिदिन की बात कर रही है। त्रिपुरा में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनते ही प्रदेश में न्यूनतम मजदूरी को मोदी सरकार की तर्ज पर 340 रुपये प्रतिदिन कर दिया जाएगा
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भारतीय जनता पार्टी त्रिपुरा में एक ऐसी सरकार का गठन करना चाहते हैं जो त्रिपुरा की महान परंपराओं को, उनकी संस्कृति को, राज्य के महानायकों और जन-नायकों को सम्मान देने का काम करेगी
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त्रिपुरा की सीपीएम सरकार गरीबों को गरीब बनाए रखना चाहती है ताकि वे उनका वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल कर पायें
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त्रिपुरा में तीन पार्टियां चुनाव लड़ने वाली है - कम्युनिस्ट पार्टी, कांग्रेस पार्टी और भारतीय जनता पार्टी। कम्युनिस्ट पार्टी पूरी दुनिया से समाप्त हो चुकी है तो कांग्रेस पूरे देश से। ऐसे में त्रिपुरा की जनता का वोट ‘सबका साथ, सबका विकास' के सिद्धांत पर काम करने वाली भारतीय जनता पार्टी को जाना चाहिए
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भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह ने आज त्रिपुरा के अम्बासा और उदयपुर में आयोजित विशाल जन-सभा को संबोधित किया और राज्य की जनता से भ्रष्टाचारी, दमनकारी और विकास को अनदेखा करने वाली कम्युनिस्ट पार्टी की माणिक सरकार को उखाड़ फेंक कर भारतीय जनता पार्टी की विकासोन्मुखी एवं लोक-कल्याणकारी सरकार बनाने की अपील की।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि आज की रैली में उमड़े विशाल जन-सैलाब से यह स्पष्ट है कि त्रिपुरा की जनता ने राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाने का निर्णय ले लिया है। उन्होंने कहा कि हम त्रिपुरा में केवल मुख्यमंत्री, मंत्री अथवा विधायक बदलने के लिए परिवर्तन नहीं लाना चाहते हैं बल्कि हम त्रिपुरा की गरीब जनता की स्थिति में व्यापक सुधार लाने के लिए परिवर्तन लाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि त्रिपुरा में 25 सालों तक कम्युनिस्ट पार्टी का शासन रहा है, लगभग 20 सालों से माणिक सरकार का शासन रहा है लेकिन त्रिपुरा में विकास की धारा अब तक नहीं बह पाई। उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य के लिए 25 साल का काल-खंड बहुत बड़ा होता है, 25 साल तक त्रिपुरा की जनता ने सीपीएम को मौक़ा दिया है लेकिन 25 साल बाद भी राज्य के घरों में न तो 24 घंटे बिजली पहुँची है, न गाँव सड़क से जुड़ा है, न अस्पतालों की समुचित व्यवस्था है, न युवाओं के पास रोज़गार है, न महिलायें सुरक्षित हैं और न ही किसानों को उनकी उपज के सही दाम ही मिलते हैं तो आखिर 25 साल तक माणिक सरकार ने किया क्या है? उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि माणिक सरकार ने इन 25 सालों में कुछ किया नहीं है, उन्होंने रोजवैली चिटफंड में अरबों-खरबों का घोटाला किया है, त्रिपुरा की गरीब जनता की गाढ़ी कमाई को लूटा है, हिंसा का तांडव फैलाया है और कैडर की दादागिरी से यहाँ लोकतंत्र का गला घोंटने का काम किया है।

श्री शाह ने कहा कि पिछले एक साल के अंदर भारतीय जनता पार्टी के कई कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई है, रैली की तैयारी करने वाले कार्यकर्ताओं का सीपीएम द्वारा दमन किया गया है। उन्होंने कहा कि मैं माणिक सरकार को कहना चाहता हूँ कि हम भारतीय जनता पार्टी वाले हैं, हम हिंसा से नहीं डरते, हिंसा का कीचड़ जितना उछालोगे, कमल उतने ही अच्छे तरीके से खिल कर बाहर आयेगा। उन्होंने कहा कि त्रिपुरा में अब हिंसा का कुचक्र नहीं चलने वाला है, त्रिपुरा की जनता जाग चुकी है। उन्होंने कहा कि सीपीएम वाले कान खोल कर सुन लें, हर बार की तरह यदि इस बार भी त्रिपुरा के चुनाव को हिंसा के जरिये प्रभावित करने का प्रयास किया गया तो त्रिपुरा की जनता आप को मुंहतोड़ जवाब देगी। उन्होंने कहा कि आज इस समागम के माध्यम से मैं पार्टी के कार्यकर्ताओं को भी कहना चाहता हूँ कि आप डरिये मत सीपीएम के आतंक से, लोकतांत्रिक तरीकों से उनका डट कर मुकाबला कीजिये और उखाड़ कर फेंक दीजिये त्रिपुरा की इस भ्रष्टाचारी माणिक सरकार को।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि जब तक त्रिपुरा में सीपीएम की सरकार है, यहाँ का विकास संभव ही नहीं है। उन्होंने कहा कि देश भर में जहां भी वामपंथी सरकार लंबे समय तक रही, वहां गरीबी और बेरोजगारी और ज्यादा बढ़ी है चाहे वह पश्चिम बंगाल हो, केरल हो या फिर त्रिपुरा। उन्होंने कहा कि सीपीएम सरकार का गरीबी और बेरोजगारी का चोली दामन का रिश्ता है, दोनों एक-दूसरे के साथ जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि जहां सीपीएम की सरकारें होती हैं, वहां गरीबी होती है, बेरोजगारी होती है और जहां भाजपा की सरकारें होती हैं, वहां पर विकास अपने आप ही कमल पर बैठ कर आ जाता है। उन्होंने कहा कि त्रिपुरा की 37 लाख की आबादी में से 7 लाख लोग बेरोजगार हैं जो रजिस्टर्ड हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध में त्रिपुरा काफी आगे है। उन्होंने कहा कि त्रिपुरा में हर साल होने वाले गुनाहों का 86% अपराध माताओं-बहनों के खिलाफ होता है। उन्होंने कहा कि त्रिपुरा में हर दिन लगभग 5 महिलाओं के खिलाफ अपराध होते हैं जिसमें से 2 बलात्कार के मामले होते हैं, इससे यह स्पष्ट है कि त्रिपुरा में क़ानून-व्यवस्था की हालत कितनी दयनीय हो चुकी है। उन्होंने कहा कि अपराध करने वाले लोग त्रिपुरा की राज्य सरकार द्वारा ही संरक्षित और पोषित हैं, इसलिए माणिक सरकार उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करती। उन्होंने कहा कि हम त्रिपुरा की माताओं-बहनों की इस स्थित को बदलने के लिए राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार लाना चाहते हैं।

श्री शाह ने कहा कि राज्य की स्वास्थ्य सेवायें बदहाल हैं, जहां अस्पताल है, वहां डॉक्टर नहीं हैं, नर्स नहीं हैं, सस्ती दवाइयों की दुकान नहीं हैं और त्रिपुरा में सीपीएम के 25 सालों के शासन के बाद यह स्थिति है। उन्होंने कहा कि पूरा देश मलेरिया से मुक्त हो चुका है लेकिन त्रिपुरा में आज भी मलेरिया से मृत्यु हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार ने त्रिपुरा में इसकी रोकथाम और बेहतर स्वास्थ्य सुविधा के लिए 130 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की लेकिन त्रिपुरा की माणिक सरकार इसके लिए कोई योजना लेकर अब तक केंद्र सरकार के पास पहुँची ही नहीं।

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि त्रिपुरा की सीपीएम सरकार भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी हुई है। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से चिटफंड घोटाले की जांच सीबीआई से कराने को कहा लेकिन माणिक सरकार ने इसे मना कर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य की सीपीएम सरकार को लगता है कि सीबीआई जांच को मना कर देने से वे बच जायेंगे लेकिन मैं बताना चाहता हूँ कि त्रिपुरा की सीपीएम सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है, मार्च में यहाँ निश्चित रूप से भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने जा रही है। उन्होंने कहा कि चाहे रोजवैली चिटफंड का मामला हो या फिर भ्रष्टाचार के कोई अन्य मामले, राज्य में बनने वाली भाजपा सरकार दोषियों को सजा दिला कर उन्हें सलाखों के पीछे पहुंचाने का काम करेगी, हम किसी को बचाने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि त्रिपुरा के मुख्यमंत्री चिटफंड घोटाले के दोषियों के खिलाफ इसलिए कार्रवाई नहीं करते हैं कि यदि उन्होंने चिटफंड के गुनाहगारों को पकड़ना शुरू किया तो उनका पूरा का पूरा मंत्रिमंडल जेल में दिखाई देगा।

श्री शाह ने कहा कि मैं त्रिपुरा की जनता को आश्वस्त करना चाहता हूँ कि राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार के गठन के अगले ही दिन प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग का लाभ दे दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार की हितैषी त्रिपुरा की सीपीएम सरकार कहती है कि वह कर्मचारियों की हितैषी है, मजदूरों की हितैषी है, किसानों की हितैषी है लेकिन आज भी त्रिपुरा में चौथे वेतन आयोग के हिसाब से कर्मचारियों को वेतन मिलता है। उन्होंने कहा कि देश में जहां-जहां भी भाजपा की सरकारें हैं, वहां सातवां वेतन आयोग लागू कर दिया गया है, त्रिपुरा में भी सरकार बनते ही भारतीय जनता पार्टी की सरकार कर्मचारियों को उनका अधिकार देगी। त्रिपुरा की माणिक सरकार पर प्रहार जारी रखते हुए उन्होंने कहा कि त्रिपुरा के मुख्यमंत्री ने एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि वे मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी को बढ़ाकर 170 रुपये प्रतिदिन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं कहना चाहता हूँ कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार ने पहले ही न्यूनतम मजदूरी को 340 रुपये प्रतिदिन कर दिया है और त्रिपुरा की माणिक सरकार अभी भी 170 रुपये प्रतिदिन की बात कर रही है। उन्होंने कहा कि त्रिपुरा में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनते ही प्रदेश में न्यूनतम मजदूरी को मोदी सरकार की तर्ज पर 340 रुपये प्रतिदिन कर दिया जाएगा।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि त्रिपुरा की सीपीएम सरकार अपने सांस्कृतिक गौरव को भी नीचे करने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि त्रिपुरा की माणिक सरकार स्टालिन का जन्मदिन तो मनाती है लेकिन विवेकानंद जयंती नहीं मनाती, महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जन्मदिन नहीं मनाती, अगरतला एयरपोर्ट को महाराजा त्रिपुरा के के नाम पर नहीं करती, वास्तव में त्रिपुरा की सीपीएम सरकार के पास इसका कोई जवाब नहीं है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी त्रिपुरा में एक ऐसी सरकार का गठन करना चाहते हैं जो त्रिपुरा की महान परंपराओं को, उनकी संस्कृति को, राज्य के महानायकों और जन-नायकों को सम्मान देने का काम करेगी।

श्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पूरे नॉर्थ-ईस्ट को ऑर्गेनिक खेती और एग्रो प्रोडक्ट के माध्यम से आगे ले जाने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन त्रिपुरा की माणिक सरकार प्रधानमंत्री जी का इसके लिए समर्थन कर प्रदेश को आगे नहीं बढ़ाना चाहती। उन्होंने कहा कि राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने पर ऑर्गेनिक खेती के लिए अच्छे संसाधन और वातावरण मुहैया कराये जायेंगे ताकि यहाँ के किसानों के इनकम को बढ़ाया जा सके। उन्होंने कहा कि हम जूट और रबर को एक संसाधन के रूप में और इनकम के अच्छे स्रोत के रूप में डेवलप करने का काम करेंगे।

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने त्रिपुरा के विकास के लिए कई काम किये हैं लेकिन राज्य की माणिक सरकार इसे जनता तक पहुंचने ही नहीं देती। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की यूपीए सरकार (कम्युनिस्ट पार्टी समर्थित सरकार) ने 13वें वित्त आयोग के पांच वर्ष में त्रिपुरा को केंद्रीय करों में हिस्सेदारी के तौर पर जहां केवल लगभग 7,283 करोड़ रुपये ही दिए, वहीं मोदी सरकार ने 14वें वित्त आयोग में पांच वर्षों में त्रिपुरा को 25,923 करोड़ रुपये आवंटित किये हैं। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त मोदी सरकार ने त्रिपुरा को स्मार्ट सिटी के लिए 190 करोड़, स्वच्छ भारत मिशन के लिए 8 करोड़, अर्बन ट्रांसपोर्ट के लिए 22 करोड़, स्वायल हेल्थ कार्ड के लिए 5 करोड़, मंडियों की लिंकिंग के लिए 12 करोड़, गरीबों के आवास के लिए 257 करोड़, अटल मिशन के लिए 133 करोड़, पर्यटन के विकास के लिए 100 करोड़, सड़कों के विस्तार के लिए लगभग 9,900 करोड़, कैंसर के अस्पताल के लिए 300 करोड़, पावर स्टेशन के लिए 1,300 करोड़, जल व्यवस्थापन के लिए 14,00 करोड़, यूथ हॉस्टल के लिए 1000 करोड़ और विभिन्न योजनाओं में प्रशिक्षण के लिए 1,500 करोड़ रुपये दिए हैं। उन्होंने कहा कि अन्य योजनाओं में भी अलग से त्रिपुरा को आर्थिक सहायता दी गई है। उन्होंने कहा कि त्रिपुरा को केंद्रीय करों के तौर पर 25,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त विभिन्न योजनाओं में अलग से 17,000 करोड़ रुपये दिए हैं। उन्होंने कहा कि त्रिपुरा में पांच लाख लोगों को मुद्रा बैंक के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराया गया है, 6.66 लाख एलईडी बल्ब वितरित किये गये हैं और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत लगभग 31,000 गरीब माताओं को गैस सिलिंडर उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने कहा कि यदि साढ़े तीन साल में मोदी सरकार त्रिपुरा के विकास के लिए इतने सारे काम कर सकती है तो फिर इतने वर्षों में माणिक सरकार ने त्रिपुरा के विकास के लिए कुछ क्यों नहीं किया? उन्होंने कहा कि त्रिपुरा की सीपीएम सरकार गरीबों को गरीब बनाए रखना चाहती है ताकि वे उनका वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल कर पायें।

श्री शाह ने कहा कि त्रिपुरा में आगामी विधानसभा चुनाव में तीन पार्टियां चुनाव लड़ने वाली है - एक है कम्युनिस्ट पार्टी, दूसरी कांग्रेस पार्टी और तीसरी पार्टी है भारतीय जनता पार्टी। उन्होंने कहा कि कम्युनिस्ट पार्टी पूरी दुनिया से समाप्त हो चुकी है, कांग्रेस पूरे देश से ख़त्म होने जा रही है तो ऐसे में त्रिपुरा की जनता का वोट ‘सबका साथ, सबका विकास' के सिद्धांत पर काम करने वाली भारतीय जनता पार्टी को जाना चाहिए। उन्होंने ‘चलो पलटाई परिवर्तन करना है, सीपीएम सरकार को उखाड़ फेंकना है' का नारा देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी त्रिपुरा के विकास के लिए कटिबद्ध है, हम त्रिपुरा को विकसित राज्यों की सूची में खड़ा करना चाहते हैं।

(महेंद्र पांडेय)

कार्यालय सचिव

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