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भारतीय जनता पार्टी

(केंद्रीय कार्यालय)

6A, दीनदयाल उपाध्याय मार्ग, नई दिल्ली

 

 

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह द्वारा गुलबर्ग, कर्नाटक में ओबीसी समुदाय के कन्वेंशन को दिये गये उद्बोधन के मुख्य बिंदु

 

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार देश के ओबीसी समाज और पिछड़े समाज के कल्याण के लिए कटिबद्ध है लेकिन कर्नाटक में कांग्रेस की सिद्धारमैया सरकार ओबीसी समाज के उत्थान की राह में रोड़े अटकाने का काम कर रही है

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भाजपा के पक्ष में पूरे कर्नाटक में जिस प्रकार का माहौल है, उससे यह स्पष्ट है कि कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने जा रही है। कर्नाटक के हर वर्ग के लोगों की ज़ुबान पर एक ही बात है कि सिद्धारमैया सरकार को जाना चाहिए और येदुरप्पा सरकार को आना चाहिए

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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने देश के ओबीसी समुदाय के उत्थान के लिए एक-के-बाद-एक कई कदम उठाये गये जबकि कांग्रेस ने एक-के-बाद-एक ओबीसी समुदाय के कल्याण कार्यों का विरोध किया, इससे यह स्पष्ट है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ओबीसी समाज के हितैषी हैं जबकि कांग्रेस ओबीसी विरोधी है

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सिद्धारमैया जी ओबीसी समाज का हितैषी होने का दावा करते हैं लेकिन जब ओबीसी समाज के लिए काम करने की बात आती है तो उन्हें माइनॉरिटी के अलावे कुछ भी दिखाई नहीं देता

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भारतीय जनता पार्टी जब ओबीसी समाज को आगे ले जाने की बात करती है तो यह कोई पॉलिटिकल स्टेटमेंट भर नहीं है क्योंकि हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का सिद्धांत ही है - “सबका साथ, सबका विकास" और इसका मतलब है समाज के अंतिम व्यक्ति को विकास की प्रथम पंक्ति में लाना

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भारतीय जनता पार्टी की मोदी सरकार ओबीसी कमीशन को संवैधानिक मान्यता प्रदान करने का विधेयक लेकर संसद में आई थी लेकिन कांग्रेस पार्टी ने अपना असली चेहरा उजागर करते हुये और ओबीसी समाज का विरोध करते हुये इस विधेयक को राज्य सभा में पारित नहीं होने दिया।

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सिद्धारमैया जी ओबीसी समाज का हितैषी होने का दावा करते हैं, उनसे पूछना चाहिए कि कांग्रेस द्वारा ओबीसी समुदाय का अपमान करने पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और सिद्धारमैया जी का क्या कहना है?

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कांग्रेस एक तरफ तो ओबीसी समुदाय की भलाई की बात करती है, वहीं दूसरी तरह ओबीसी कमीशन को संवैधानिक मान्यता प्रदान नहीं करने देती, यह दोहरा चरित्र है कांग्रेस का

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सरकार ने फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य उत्पादन लागत से डेढ़ गुना करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है जो किसानों की आय को 2022 तक दुगुना करने के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में सबसे महत्त्वपूर्ण कदम है

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देश के हर व्यक्ति का स्वास्थ्य अच्छा रहे, इसको साकार करने के लिए भारतीय जनता पार्टी की मोदी सरकार ने देश के लगभग 10 करोड़ गरीब परिवारों के लिए पांच लाख रुपये की स्वास्थ्य बीमा की व्यवस्था की है। यह योजना गरीबों, पिछड़ों, दलित, आदिवासी और ओबीसी समाज के लोगों के लिए वरदान साबित होने वाली है।

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यदि कर्नाटक का पिछड़ा वर्ग और ओबीसी समाज तय कर ले तो कांग्रेस की सिद्धारमैया सरकार को कोई नहीं बचा सकता। कांग्रेस को कर्नाटक से उखाड़ फेंकने का काम ओबीसी समाज को करना है

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कर्नाटक में एक ऐसे मुख्यमंत्री की जरूरत है जो प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के कंधे-से-कंधा मिलाकर कर्नाटक के ओबीसी समाज के सभी समस्याओं का समाधान करे और यह येदुरप्पा जी ही कर सकते हैं।

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भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह ने आज गुलबर, कर्नाटक में ओबीसी समुदाय के विशाल कन्वेंशन को संबोधित किया और कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार देश के ओबीसी समाज और पिछड़े समाज के कल्याण के लिए कटिबद्ध है लेकिन कर्नाटक में कांग्रेस की सिद्धारमैया सरकार ओबीसी समाज के उत्थान की राह में रोड़े अटकाने का काम कर रही है।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा के पक्ष में पूरे कर्नाटक में जिस प्रकार का माहौल है, उससे यह स्पष्ट है कि कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने जा रही है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक के हर वर्ग के लोगों की जुबान पर एक ही बात है कि सिद्धारमैया सरकार को जाना चाहिए और येदुरप्पा जी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी सरकार को आना चाहिए।

श्री शाह ने कहा कि अन्य पार्टियां अपने नेताओं और सभाओं के आधार पर चुनाव मैदान में उतरती होंगी लेकिन भारतीय जनता पार्टी जब भी चुनाव में जाती है तो उसका आधार केवल बूथ कार्यकर्ता ही होते हैं। उन्होंने कहा कि कर्नाटक भाजपा ने हर बूथ पर संगठन को खड़ा करने और उसे मजबूत करने का काम किया है, कार्यकर्ताओं को तैयार किया है इसलिए कर्नाटक भाजपा का नेतृत्व अभिनंदन के पात्र हैं।

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने देश के ओबीसी समुदाय के उत्थान के लिए एक-के-बाद-एक कई कदम उठाये गये जबकि कांग्रेस ने एक-के-बाद-एक ओबीसी समुदाय के कल्याण कार्यों का विरोध किया, इससे यह स्पष्ट है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ओबीसी समाज के हितैषी हैं जबकि कांग्रेस ओबीसी विरोधी है। उन्होंने कहा कि सिद्धारमैया जी ओबीसी समाज का हितैषी होने का दावा करते हैं लेकिन जब ओबीसी समाज के लिए काम करने की बात आती है तो उन्हें माइनॉरिटी के अलावे कुछ भी दिखाई नहीं देता। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी जब ओबीसी समाज को आगे ले जाने की बात करती है तो यह कोई पॉलिटिकल स्टेटमेंट भर नहीं है क्योंकि हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का सिद्धांत ही है - “सबका साथ, सबका विकास" और इसका मतलब है समाज के अंतिम व्यक्ति को विकास की प्रथम पंक्ति में लाना। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार द्वारा पिछले चार सालों में लिए गये हर निर्णय के केंद्र में देश के गाँव, गरीब, किसान, दलित, पिछड़े, आदिवासी और ओबीसी समाज ही हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत अब तक लगभग 3.80 लाख गरीब महिलाओं को गैस कनेक्शन उपलब्ध कराया है जिसका सबसे ज्यादा फायदा ओबीसी समाज को ही मिला है, इसी तरह शौचालय के रूप में स्वच्छता अभियान का भी सबसे ज्यादा फायदा देश के पिछड़े वर्ग और ओबीसी समाज को ही मिला है।

श्री शाह ने कहा कि वर्षों से ओबीसी समुदाय की यह मांग थी कि ओबीसी कमीशन को संवैधानिक मान्यता दिए जाने की मांग 1955 से लगातार हो रही थी लेकिन आज तक इस दिशा में कोई प्रयास नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की मोदी सरकार ओबीसी कमीशन को संवैधानिक मान्यता प्रदान करने का विधेयक लेकर संसद में आई थी लेकिन कांग्रेस पार्टी ने अपना असली चेहरा उजागर करते हुये और ओबीसी समाज का विरोध करते हुये इस विधेयक को राज्य सभा में पारित नहीं होने दिया। उन्होंने कहा कि सिद्धारमैया जी ओबीसी समाज का हितैषी होने का दावा करते हैं, उनसे पूछना चाहिए कि कांग्रेस द्वारा ओबीसी समुदाय का अपमान करने पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और सिद्धारमैया जी का क्या कहना है? उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक तरफ तो ओबीसी समुदाय की भलाई की बात करती है, वहीं दूसरी तरह ओबीसी कमीशन को संवैधानिक मान्यता प्रदान नहीं करने देती, यह दोहरा चरित्र है कांग्रेस का।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि मोदी सरकार देश के पिछड़े और ओबीसी समाज के कल्याण के लिए कई योजनायें लेकर आई है लेकिन कांग्रेस की सिद्धारमैया सरकार कर्नाटक में इन योजनाओं को नीचे तक नहीं पहुंचने देती। उन्होंने कहा कि मुद्रा योजना का सबसे ज्यादा फायदा देश के गरीब, पिछड़े, दलित, आदिवासी और ओबीसी समाज के लोगों को हुआ है। उन्होंने कहा कि हम जब मुद्रा योजना लेकर आये तो कांग्रेस अध्यक्ष और पी. चिदंबरम इसका मखौल उड़ा रहे थे, बोलते थे कि पांच लाख तक के लोन से क्या होगा लेकिन आज देखिये कैसे देश के गरीबों की जिन्दगी बदल रही है। उन्होंने कहा कि आजादी के 70 साल बाद भी कांग्रेस सरकार ने बैंकों के दरवाजे देश की गरीब जनता के लिए खुलने नहीं दिए, आज हमने इसकी शुरुआत की। उन्होंने कहा कि अकेले कर्नाटक में मोदी सरकार की इस योजना से 98 लाख अर्थात् लगभग एक करोड़ युवाओं को 39 हजार करोड़ रुपये का लोन दिया गया है जबकि देश में 9 करोड़ लोग इससे लाभान्वित हुये हैं।                                

श्री शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य उत्पादन लागत से डेढ़ गुना करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है जो किसानों की आय को 2022 तक दुगुना करने के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में सबसे महत्त्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद पहली बार किसी सरकार ने फसलों के समर्थन मूल्य को लागत मूल्य का डेढ़ गुना करने का साहस दिखाया है, इसका भी सबसे ज्यादा फायदा ओबीसी समाज को होगा।

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि देश के हर व्यक्ति का स्वास्थ्य अच्छा रहे, इसको साकार करने के लिए भारतीय जनता पार्टी की मोदी सरकार ने देश के लगभग 10 करोड़ गरीब परिवारों के लिए पांच लाख रुपये की स्वास्थ्य बीमा की व्यवस्था की है जिससे देश के लगभग 50 करोड़ लोगों को बेहतर स्वास्थ्य का फायदा पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि यह योजना गरीबों, पिछड़ों, दलित, आदिवासी और ओबीसी समाज के लोगों के लिए वरदान साबित होने वाली है।

श्री शाह ने कहा कि कर्नाटक में परिवर्तन करने की सबसे ज्यादा जिम्मेदारी ओबीसी समुदाय की है। उन्होंने कहा कि यदि कर्नाटक का पिछड़ा वर्ग और ओबीसी समाज तय कर ले तो कांग्रेस की सिद्धारमैया सरकार को कोई नहीं बचा सकता। उन्होंने ओबीसी समुदाय का आह्वान करते हुए कहा कि कांग्रेस को कर्नाटक से उखाड़ फेंकने का काम ओबीसी समाज को करना है।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री कहते हैं कि मोदी सरकार ने चार सालों में कर्नाटक के लिए क्या किया है। उन्होंने कहा कि 13वें वित्त आयोग में कांग्रेस की यूपीए सरकार ने कर्नाटक को जहां केवल 88,583 करोड़ रुपये दिए थे, वहीं 14वें वित्त आयोग में मोदी सरकार ने कर्नाटक सरकार को 2,19,506 करोड़ रुपये आवंटित किये हैं जो यूपीए सरकार से लगभग 1.30 लाख करोड़  रुपये ज्यादा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने देश के गाँव, गरीब, पिछड़े, आदिवासी और ओबीसी समुदाय के कल्याण के लिए लिए 112 योजनाओं की शुरुआत की है लेकिन कर्नाटक की सिद्धारमैया सरकार इन योजनाओं को नीचे तक नहीं पहुँचने नहीं देती। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में एक ऐसे मुख्यमंत्री की जरूरत है जो प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के कंधे-से-कंधा मिलाकर कर्नाटक के ओबीसी समाज के सभी समस्याओं का समाधान करे और यह येदुरप्पा जी ही कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे जी के क्षेत्र में बस स्टैंड बनाने का काम भी येदुरप्पा जी ने ही किया था।

श्री शाह ने कहा कि हैदराबाद कर्नाटक हैदराबाद और मुंबई के बीच का इलाका है, यदि हैदराबाद-मुंबई के बीच इंडस्ट्रियल कॉरिडोर भी बना दिया जाय तो राज्य के लाखों युवाओं को नौकरी मिल सकती है लेकिन सिद्धारमैया सरकार के पास कोई विजन ही नहीं है। उन्होंने कहा कि मेरी भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं और ओबीसी समाज से अपेक्षा है कि वे कर्नाटक में परिवर्तन का वाहक बनें और राज्य में विकास का मार्ग प्रशस्त करें।

 

(महेंद्र पांडेय)

कार्यालय सचिव

Tag: 9 | 30

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