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Salient points of press conference of BJP National Spokesperson and MP, Smt. Meenakshi Lekhi on 12 September 2018

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भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीमती मीनाक्षी लेखी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति

 

कांग्रेस पार्टी और आम आदमी पार्टी दोनों भ्रष्ट हैं। इन दोनों की नीयत में खोट है और नीति तो है ही नहीं। एक पार्टी इनकम टैक्स में करोड़ों का हेरफेर करती है तो दूसरी पार्टी ईमानदारी का ढोंग करने की आड़ में चुनावी चंदों में हवाला का कारोबार करती है

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आम आदमी की कथनी और करनी में बहुत अंतर है। जो पार्टी भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई का दिखावा करते दिल्ली की सत्ता पर काबिज हुई, आज वही पार्टी भ्रष्टाचार के नए गुल खिला रही है

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आम आदमी पार्टी ने चुनाव आयोग के पारदर्शिता के दिशा निर्देशों का पालन नहीं किया। आम आदमी पार्टी के दिए खातों की जानकारी में भी अनियमितताएं पाई गई हैं

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जांच में यह भी पाया गया है कि आम आदमी पार्टी ने चुनाव आयोग से चंदे की जानकारी छिपाई और चंदे का हिसाब ही नहीं दिया

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आम आदमी पार्टी ने अपनी वेबसाईट पर चंदे की जानकारी कुछ और दिखाई जबकि चुनाव आयोग को कुछ और ही जानकारी दी।सवाल उठने पर आम आदमी पार्टी ने अपने खातों की जानकारी भी बदल दी

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जांच एजेंसी की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि आम आदमी पार्टी ने हवाला ऑपरेटरों के जरिये दो करोड़ रुपये के एक लेनदेन को ने गलत तरीके से स्वैच्छिक दान के रूप में दिखाया। यह एक निहायत ही गंभीर आरोप है

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इस विषय की कई स्तरों पर जांच की गई और मीडिया में कई वीडियो में इसको लेकर वायरल हुए जिसमें यह स्पष्ट था कि हवाला के जरिये ये पैसा आम आदमी पार्टी के खाते में ट्रांसफर किया गया है। इस फर्जीवाड़े में शामिल एक व्यक्ति के घर से डिमोनेटाईजेशन के दौरान काफी करेंसी भी बरामद की गई थी

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रिप्रेजेंटेशन ऑफ़ पीपुल्स एक्ट के सेक्शन 29C के तहत उल्लेखित नियमों का आम आदमी पार्टी ने उल्लंघन किया है। इलेक्शन सिम्बल्स रिजर्वेशन एंड अलॉटमेंट आर्डर 1968 के 16A नियम के तहत पार्टी का सिम्बल दिया जाता है लेकिन नियमों में पार्टी द्वारा अनियमितता करने पर पार्टी का चुनाव चिह्न वापस भी लिया जा सकता है

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भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीमती मीनाक्षी लेखी ने आज पार्टी के केन्द्रीय कार्यालय में एक प्रेस वार्ता को संबोधित किया और चुनावी चंदों में भ्रष्टाचार और चुनाव आयोग को इस मामले में गुमराह करने पर आम आदमी पार्टी पर करारा प्रहार किया। उन्होंने इनकम टैक्स के गलत एसेसमेंट को लेकर कांग्रेस पर भी बड़ा हमला किया।

 

श्रीमती लेखी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और आम आदमी पार्टी दोनों भ्रष्ट हैं। इन दोनों की नीयत में खोट है और नीति तो है ही नहीं। एक पार्टी इनकम टैक्स में करोड़ों का हेरफेर करती है तो दूसरी पार्टी ईमानदारी का ढोंग करने की आड़ में चुनावी चंदों में हवाला का कारोबार करती है जो जांच एजेंसियों और मीडिया में आ रही ख़बरों से पता चलता है।

राष्ट्रीय प्रवक्ता ने आम आदमी पार्टी को भ्रष्टाचार का अड्डा बताते हुए कहा कि आम आदमी की कथनी और करनी में बहुत अंतर है। जो पार्टी भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई का दिखावा करते दिल्ली की सत्ता पर काबिज हुई, आज वही पार्टी भ्रष्टाचार के नए गुल खिला रही है। उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दलों को चुनाव आयोग और संविधान के प्रावधानों का पालन करना होता है लेकिन सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज यानी सीबीडीटी की रिपोर्ट में यह सामने आया है कि आम आदमी पार्टी ने चुनाव आयोग के पारदर्शिता के दिशा निर्देशों का पालन नहीं किया। आम आदमी पार्टी के दिए खातों की जानकारी में भी अनियमितताएं पाई गई हैं। अतएव यह स्पष्ट है कि आम आदमी पार्टी ने चुनाव आयोग के कानूनी निर्देशों का उल्लंघन किया है। चुनावी चंदे में विसंगतियां मिलने पर चुनाव आयोग ने पार्टी को नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों न आम आदमी पार्टी का चुनाव चिह्न रद्द कर दिया जाए।

श्रीमती लेखी ने कहा कि जांच में यह भी पाया गया है कि आम आदमी पार्टी ने चुनाव आयोग से चंदे की जानकारी छिपाई और चंदे का हिसाब ही नहीं दिया, उसे अज्ञात स्रोत की संज्ञा दे दी जबकि चुनाव आयोग के नियम के अनुसार हर पार्टी को 20 हजार रुपये से अधिक राशि के चंदे का हिसाब देना होता है। इतना ही नहीं, आम आदमी पार्टी ने अपनी वेबसाईट पर चंदे की जानकारी कुछ और दिखाई जबकि चुनाव आयोग को कुछ और ही जानकारी दी।सवाल उठने पर आम आदमी पार्टी ने अपने खातों की जानकारी भी बदल दी।

 

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि जांच एजेंसी की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि आम आदमी पार्टी ने हवाला ऑपरेटरों के जरिये दो करोड़ रुपये के एक लेनदेन को ने गलत तरीके से स्वैच्छिक दान के रूप में दिखाया। यह एक निहायत ही गंभीर आरोप है। उन्होंने कहा कि फर्जी कंपनियों से ये दो करोड़ रुपये अरविंद केजरीवाल के बनारस से लोक सभा चुनाव लड़ने के समय आधी रात को आम आदमी पार्टी के खाते में आया जिसकी गलत जानकारी पार्टी ने चुनाव आयोग को दी। उन्होंने कहा कि इस विषय की कई स्तरों पर जांच की गई और मीडिया में कई वीडियो में इसको लेकर वायरल हुए जिसमें यह स्पष्ट था कि हवाला के जरिये ये पैसा आम आदमी पार्टी के खाते में ट्रांसफर किया गया है। इस फर्जीवाड़े में शामिल एक व्यक्ति के घर से डिमोनेटाईजेशन के दौरान काफी करेंसी भी बरामद की गई थी।

 

श्रीमती लेखी ने कहा कि रिप्रेजेंटेशन ऑफ़ पीपुल्स एक्ट के सेक्शन 29C के तहत उल्लेखित नियमों का आम आदमी पार्टी ने उल्लंघन किया है। उन्होंने कहा कि इलेक्शन सिम्बल्स रिजर्वेशन एंड अलॉटमेंट आर्डर 1968 के 16A नियम के तहत पार्टी का सिम्बल दिया जाता है लेकिन नियमों में पार्टी द्वारा अनियमितता करने पर पार्टी का चुनाव चिह्न वापस भी लिया जा सकता है।

 

ज्ञात हो कि चुनाव आयोग ने कहा है कि ‘आम आदमी पार्टी' ने 30 सितंबर 2015 को वित्त वर्ष 2014-15 के लिए मूल दान रिपोर्ट सौंपी थी। बाद में पार्टी ने 20 मार्च 2017 को संशोधित रिपोर्ट दी। सीबीडीटी से जो रिपोर्ट मिली उसके मुताबिक ‘आप' ने गुप्त तरीके से मिले दान को छिपाने की कोशिश की। पार्टी के बैंक खाते में 67.67 करोड़ जमा हुए जबकि पार्टी ने 54.15 करोड़ रुपये ही दिखाए अर्थात् 13.16 करोड़ का हिसाब नहीं मिला है।

 

(महेंद्र पांडेय)

कार्यालय सचिव

Tag: 30 | 2015

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